आज हम देश का 66 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे है। कहा जाता है कि, सामान्यतः पचास वर्”ा से अधिक होने पर जनन औेर प्रजनन क्षमता न्यून हो जाती है, लेकिन 66 साल के इस बुढाते देश में भ्रष्टाचार कामदेव के रुप में अवतरित हुआ है औेर उसने इस देश की गरिमा, सुचिता, की प्रतीक ईमानदारी को गर्भवती करने का दुःसाहस किया है। यद्यपि ईमानदारी ने स्वॅय को कई क्षेत्रों,आर्थिक,भौतिक,नैतिक,सामाजिक,धार्मिक,न्यायिक,चारित्रिक, राजनैतिक, आध्यात्मिक तथा रा”ट्र के प्रति ईमानदारी, में बाॅटकर इससे बचने का प्रयास किया है लेकिन भृ”टाचार ने लगभग सभी क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कर ईमानदारी को अपने आगोश में लेकर उसे गर्भवती कर दिया है। स्थिति यहाॅ तक आ गई है कि, यह हमारे रा”ट्रीय चरित्र के समकक्ष होता जा रहा है।