अजय कीर्ति छद्म रचनाएँ – 11
तेरी ज़िन्दगी का हर मोङ सुकुन से भरा होगा |मै नहीं तो कोई और तो तुझ पर मरा होगा | अज़य कीर्ति ग़फ़लत मे बिता दी उम्र सारी, उसकी तरहा ज़िन्दगी भी बेवफा निकली | अज़य कीर्ति ज़िन्दग़ी की तलाश अभी बाकी है,हसरतों का जवान होना बाकी है |होने को तो सब कुछ है हमारे […]