साहित्यिक जीवटता, और जिजीविषा की अदम्य मशाल, कृष्णा सोबती

पिछले दिनों हिन्दी साहित्य में अपनी लेखकीय जीवटता, उल्लास और जिजीविषा के लिये ख्यात कृष्णा सोबती नहीं रहीं। कृष्णा जी एक पूरी परम्परा का विस्तार थी जो समय के साथ विभिन्न पात्रों, रंगों और घटनाओं में घटती गई। कृष्णा जी के ही शब्दों में

गांधी की हत्या एक विचार धारा की हत्या थी

गांधी की हत्या एक विचार धारा की हत्या थी गांधी के विषय में आईन्सटीन का यह कथन सबसे महत्वपूर्ण है कि, आने वाली पीढियॉ इस बात पर विश्वास नहीं कर पाएंगी कि, धरती पर महात्मा गांधी जैसा कोई जीव भी हुआ था जिसके चमत्कार को भूलना बहुत

राजपथ से मैं जसदेवसिंह बोल रहा हूॅ—-

उन्होने 1963 से लेकर 2011 तक लगातार आँखों देखा हाल सुनाया| यह उनकी मखमली आवाज़ और सम्प्रेक्षण का ही कमाल था । उन्होंने ९ बार ओलिंपिक, ८ बार हॉकी विश्वकप, तथा ६ बार एशियाइ खेलो में कमेंट्री की । हॉकी मैचों में प्रस्तुत आँखों देखा हाल सुनने…

जलियाँवाला बाग: जहाॅ निशस्त्र ,निरपराध और अरक्षितों पर गोलियाॅ चलाई गईं

स्वतंत्रता से उद्ंदडता की ओर बढ रहे समाज को यह स्मरण कराना आवश्यक है कि, किस तरह जलियाॅवाला बाग के कूृरतम नर संहार के बाद ही हमें स्वतंत्रता मिली है। विश्वयुद्ध में मदद माॅगते समय यह कहा गया था कि, यदि भारत हमारी सहायता करेगा तो उसे…

17 अगस्त तुलसी जयन्ती पर विशेष

माॅगत तुलसीदास कर जोरे, बसहूॅ राम सिय मानस मोरे’’ रामचरितमानस गोस्वामी तुलसीदास का प्रधान ग्रंथ है जो एक प्रबंध काव्य है।ग्रन्थ के प्रारंभ में तुलसी ने कथा के प्रबन्ध की सविस्तार प्रस्तावना…

शिक्षा प्रदाता शिक्षक, समाज का मूर्तिकार होता है

इतिहास इस बात का साक्षी है कि, प्रत्येक समय में महान दार्शनिक ही महान शिक्षा शास्त्री ही हुये है। प्लूटो, सुकरात,लॉक कमेनियस,रुसो, फेबिल, गॉधी टेगौर,अरविन्द घोष, स्वामी विवेकानंद आदि। इन सभी दार्शनिकों ने अपने अपने दर्शन को क्रियात्मक और…

बंदऊँ राम लखन वैदेही

मानस की काव्यसरिता का उद्गमस्थल कवि का वह ह्रदयरुपी मानसरोवर है जिसमें राम का यश रुपी जल भरा हुआ है। यही रामचरितमानस रुपी नदी लोक में आज भी जन जन के मध्य अबाध गति से प्रवाहित हो रही है। महाकाव्य के लिये जिस गुरुत्व,गांभीर्य और महत्ता की…

स्वतत्रता संग्राम सेनानी दम्पति, सीता देवी और प्रिंसिपल छबीलदास

वे मूक मानवतावादी थी। पंजाब में जब चारों ओर सांप्रदायिक दंगे हो रहे थे लगभग उसी समय लाहौर भी सांप्रदायिक आग में झुलस रहा थाहर जगह सांप्रदायिकता की चिनगारियाॅ धधकती नजर आ रही थी। ऐसे समय वे पीडितों की मदद के लिये जुट गई। वे उस समय लाहोर…

एक विस्मृत क्रांतिकारी शहीद ,उदमी राम

भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन का इतिहासलेखन पर्याप्त शोध, जानकारी की अल्पता की वजह से अनेक क्रांतिकारियों के बलिदान, शौर्य, औेर देशभक्ति को समावेशित नहीं कर पाया या यू कहें कि, उनके त्याग ओैर बलिदान को…

जब भारतीय जनमानस आजादी के सूर्य की पहली किरण के इंतजार में था

जब भारतीय आजादी की इबादत लिखी जा चुकी और तक हों गया था कि, 14-15 अगस्त की आधी रात को भारत नये अध्याय की षुरुआत करेगा औेर एक स्वतंत्र राश्ट्र हो जायेगा तब जनमानस की उत्तेजना,…

हाॅकी खिलाडी मोहम्मद शाहिद का अवसान

एक बडे खिलाडी का छोटी उम्र में चले जाना एक बहुत बडा खिलाडी और एक बेहतर इंसान बहुत छोटी उम्र में 56 वर्ष में हमें छोडकर चला गया। लीवर की गंभीर बीमारी से ग्रसित शाहिद ने गुरुग्राम के वेदांता अस्पताल…

निधनः- साहित्यकार महाश्वेता देवी

निधनः- साहित्यकार महाश्वेता देवी ‘‘ खामोश हो गई शोशितो, दलितों औेर आदिवासियों की आवाज’’ बंगला साहित्यकार महाष्वेता देवी अब हमारे बीच में नहीं रही। कलकत्ता के अस्पताल में उन्होने अपने जीवन की अंतिम साॅस ली। इसी के साथ षोशितों,…

ध्यान सिंह से ध्यान चंद तक का सफर’

मेजर ध्यान चंद भारतीय हाॅकी का एक एसा नाम जिसका जिसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकी। उसने भारतीय हाॅकी को वो सम्मान, गरिमा, अनगिनत जीत, पदक, आदि अत्यन्त कठिन पस्थिितियों में दिलाये जिसके बारे में वर्तमान खेल जगत सोच भी नहीं सकता। अनेक…

पद और गुण की वंदना – णमोकार मंत्र

यह णमोकार नमस्कार महामंत्र जैन धर्म की सभी परमपराओं द्वारा एकमत से मान्य है। ्रप्रायः मानव किसी एक महापुरुश को लक्ष्य बनाकर अपनी समस्त भक्ति व श्रद्धा का स्त्रोत उन पर उडेल देता है, परन्तु इस महामंत्र की विषेशता है कि, इसमें किसी…

सहकारी नेतृत्व की असफलता से हुआ दीर्घ सहकारी सरंचना का अवसान

प्रदेष की दीर्घ कालीन सहकारी साख संरचना का प्रमुख स्तम्भ म.प्र. सहकारी कृशि और ग्रामीण विकास बैंक एवं जिला सहकारी कृशि और ग्रामीण बैंकों का परिसमापन हो गया है। यह परिसमापन कोई साधारण नहीं है कि उसे इतनीर्  आसानी से लिया जा सके। इसने एसे…

29 अगस्त खेल दिवस पर विशेष

इस बारे में कदापि देा राय नहीं हो सकती कि, मेजर ध्यानचंद न केवल भारत अपितु वि’व के सर्वकालीन सर्वश्रे”ठ हाॅकी खिलाडी थे। 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद में एक राजपूत परिवार में जन्में ध्यानचंद को प्रारभं में कु’ती का बहुत ‘ाौक था औेर वे…

झटका,निशाना,पलटवार, मुसीबत, राहत…..

आप किसी भी समाचार  चेनल को ट्यून करें आपको झटका,निशाना,पलटवार, मुसीबत या राहत शब्द सुनने को जरुर मिलेगें। गोया इन शब्दों के अलावा कोई समाचार ही नहीं बनता।

बहुआयामी व्यक्तित्व केे लेखक- मुंशी प्रेमचंद

मुंशी प्रेमचंद का मानना था कि, लेखक वह है जो मानवता,दिव्यता,और भद्रता का ताना बाना बाॅधे होता है। जो दलित है,पीडित है,वंचित है, चाहे वो व्यक्ति हो या समूह उसकी हिमायत और वकालत करना उसका फर्ज है। उन्होंने साहित्य के उद्धेष्य और प्रवृति को…

वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली गुरु- विवेकानंद

          स्वामी विवकानंद, धर्म औेर दर्शन की पुण्य भूमि भारत के वेदान्त, और आध्यात्म के प्रभावशाली गुरु थे।           1893 में उन्होने शिकागो में विविध धर्म महासभा में सनातन धर्म  का प्रतिनिधित्व किया और अपने गरिमामय, और ओजस्वी उद्बोधन से…
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