मत सोच तेरे मुकद्दर मे क्या लिखा है ।
जो नही लिखा है उसे लिखना सीख ।।
क्या सोचती है दूनिया तेरे लिए इसे छोड़।
तु बस अपनी मंजिल को पाना सीख ।।
कौनसा रास्ता जाता है उस मंजिल तक ।
तु बस उस सही रास्ते को खोजना सीख ।।
सीख लिया तुमने दृढ निश्चय,तप करना ।
फिर नही पड़ेगा तुम्हे किसी को कहना ।।
‘अजेय’ तु होगा ना तुझसे कोई विजय होगा ।
दुनियां तो क्या,मुक्कदर भी तेरा रफी़क होगा।।
मुक्कदर भी तेरा रफी़क होगा
Related Posts
इरफ़ान ख़ान, हर दिल की जान
इरफ़ान ख़ान, हर दिल की जान इरफ़ान ख़ान,हर दिल की जान,एक अलग पहचान,एक अलग पहचान । ४…
ग़म-ए-शायरी
ग़म-ए-शायरी दिल-ए-दर्द को शब्दों मे बयां कर दूंगा आंखों के आंसूओं को पन्नों पर…
उनसे ही रोशन ये दिल है
उनसे ही रोशन ये दिल है मैं रात रात भर रोता हूं,खुद रोते रोते सोता हूं,कोई पूछने…
बस अभी अभी तो
बस अभी अभी तो…. अभी सूरज ढलाअभी चांद आ गयारात आंखों में थीमैं बोतल में आ गया अभी…
इश्क की गली
इश्क की गली हमको, रास ना आएजो रास आए ,उसको हम खो ना पाएंएक नाव पर सवार होकर,चलना…
मैं उसके घर गया था
मैं उसके घर गया थाअपने किसी काम सेउसके शौहर से मिलावो भी वाकिफ़ था मेरे नाम…
आपसा देश भक्त ना उत्पन्न अब तक
आपसा देश भक्त ना उत्पन्न अब तक …. माननीय प्रधान मंत्री,जन सेवक, भले मानस, संतरी…
पांच का जादू
पांच का जादू वो २२ मार्च,वो बजे थे पांच । शाम का आगाज़,कुछ अलग और ख़ास । वो पांच…
अग़र मै और तुम एक हो जाएं
अग़र मै और तुम एक हो जाएं, जग की सारी खुशी मुझे मिल जाए | होंगे एक तो लहरें…
रीझ-रीझ कर खीझ रहा हूँ
रीझ-रीझ कर खीझ रहा हूँ , जब से जग में होश संँभाला । प्रेम पुरातन याद नहीं…
युवा का अब आगाज हो
युवा का अब आगाज हो युवा का अब आगाज हो,एक नया अन्दाज़ हो,सिंह की आवाज हो,हर युवा…
विरह – कविता -शिल्पी प्रसाद
तुम जान लो,मैं जानती हूंये बातों की लड़ीजो स्वाभाविक आजमेरी जीवन कीशैली हो गई…
और जब मोहब्बत का रुख़ बदलेगा..
और जब मोहब्बत कारुख़ बदलेगाअपनी दिखावट सेअपने होने भर केअहसास मेंतब,अपनी कहानी…
विरह के दीप – कविता
खुशियों के दीप जलें हैं तुम पर हरिताभा-सी छाई है |विरहिणी की दीवार पर…
कविता की लंबाई… पे मत जा भाई
कविता की लंबाई… पे मत जा भाई … कविता जब शुरू करता हूं लिखनी,कोशिश कि बन पड़े…
कैसे कह दूं कि तुम नहीं मेरे हो !
कैसे कह दूं कि तुम नहीं मेरे हो ! … कैसे कह दूं कि तुम नहीं मेरे हो !तुम मेरे…
|| प्रेमी की भक्ति – यक्ष प्रश्नोत्तर।।
|| प्रेमी की भक्ति - यक्ष प्रश्नोत्तर।। भगवान् में गहरी आस्था रखने वाले एक भक्त…
दीदार ए इश्क
दिल पहली बार था धड़कामैं देख के उसको भड़कादेखा था उसको शादी मेंवो लगे नहाई चांदी…
मैं पथ हूँ
मैं पथ हूँ, मेरा ह्रदय छलनी मत करो मैं रोता हूँ, तुम देखने की कोशिश करो क्या…
ज़िंदगी – कविता अभिनव कुमार
ज़िंदगी ज़िंदगी एक बोझ है,आज के इंसान की यही खोज है । अरे ज़िंदगी तो एक बहार…







































