तेरे शहर में आने का दिल करता है बार बार…
मैं ढूँढता हूँ बार बार, तुझे देखने के बहाने हजार,
अब तो तुझसे मिलने को, ये निगाहे हैं बेक़रार,
तेरे बिना जिंदगी की हर तमन्ना है अधूरी,
अब तुझसे मिलकर मिटानी है ये दूरी…
तेरे शहर में आने का दिल करता है बार बार…
चाहता हूँ तुम्हे कितना बताना है मेरी जान,
अब बस कर तू लेना मेरे प्यार का इम्तिहान,
तेरे पापा की हर परीक्षा मे सफल होजाऊंगा,
वो ढूंढ रहे हैं दामाद, बेटा बन कर दिखाऊंगा!
तेरे शहर में आने का दिल करता है बार बार…


























![[कविता] मैंने बहुत याद किया – बृजेश यादव](http://www.merirai.com/wp-content/uploads/2017/03/kavita-brijesh-yadav-merirai-tuje-yaad-kiya-e1488534592821.png)











