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कविता

[कविता] मैंने बहुत याद किया – बृजेश यादव

एक प्रेमी युगल की काफी दिन के बाद बात हुई...तो प्रेमिका ने प्रेमी से पूछा क्या किया इतने दिन??? तो प्रेमी ने अपना हाल किस तरह वयां किया...पढ़िएे मित्रों.... उसने मुझसे पूछा कि क्या किया इतने दिन? मैंने…

चार पंक्तिया

हमने चार पंख्तियाँ क्या लिख दीं लोगों ने कवि बना दिया भरे बजार में हाले-दिल का तमाशा बना दिया घर से निकले तो थे कि तुझे भुला देंगे लिख लिख कर दिल से यादों को मिटा देंगे पर आशिकों के इस बाजार ने तेरी यादॊं को हि बाजारू बना दिया…

बच्पन के दोस्त हुए पुराने

बच्पन के दोस्त हुए पुराने रोज सुबह झूलते हुए स्कूल बस में आंखे मलना दोस्तों के साथ मिलकर क्लास में हुल्लड़ करना शाम को गली क्रिकेट का सिलसिला हुआ अफ़साना बच्पन के दोस्त हुए पुराने.... ....और, E.M.I का चक्कर हुआ चालू A.C. आफ़िस…

सूरज नये साल का

सूरज नये साल का - क्यों लगता है हमें कि, नये साल के सूरज की पहिली किरण, नई आशा लेकर आती है।  क्या उसकी उर्जा, उष्णता, ओैर उजास,  और दिनों की अपेक्षा कुछ ज्यादा होती है?

क्यों जलाते हो मुझे

क्यों जलाते हो मुझे - ‘‘ कमी’ान’’ का रावण, ‘‘ कमी’ान खोरों’’ के हाथों जल गया। जलते जलते  कह गया, मैंने केवल एक अपराध किया था, सीता का हरण किया था। सीता हरण  के बहाने राम के हाथों,
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