मैं तेरा कभी होना सकूंगा – शशिधर तिवारी ‘ राजकुमार ‘

।। मैं तेरा कभी होना सकूंगा ।।।। तू मेरी कभी होना सकेगी ।। तुम्हारी मुस्कुराहट है कोई और , हमारी चाहत है कोई और , तुम्हारे वक्त का साथी है कोई और , हमारे जीवन की काठी है कोई और , मैं तेरा कभी होना सकूंगा , तू मेरी

काश तू मेरी होती – (कविता) – शशिधर तिवारी ‘ राजकुमार ‘

।।। काश तू मेरी होती ।।।तेरे ख्वाब मेरे होते,  और मेरे ख्वाब में तू होती । तेरे चेहरे की चमक मेरी होती ,  तेरी पायल की छन-छन मेरी होती । तेरे सपनो का मैं राजा होता । और तू मेरे सपनो की रानी होती ।। काश तू मेरी होती ।।

।। समझ बैठे ।। कविता || शशिधर तिवारी ‘ राजकुमार ‘

।। समझ बैठे ।। तेरी सारी ख्वाहिशों को , हम हमारी रहमत समझ बैठे। तेरी होंठो की मुसकुराहट को , तो हम हमारी चाहत समझ बैठे । तेरी ज़ुल्फो की घटाओ को , हम हमारी अमानत समझ बैठे । तेरी नयनों की पलकों को , तो हम हमारी

स्वदेशी और विदेशी उत्पादों की सूची

अमेरीका ने भारत का बिज़नेस का विशेष दर्जा हटा दिया | चीन ने वापस आतंकियों को बचाया है | कई देशो में नौकरी करने वाले विदेशियों की छुट्टी कर दी गयी है | भारत में हम बस फेसबुक और ट्विटर पर राष्ट्रवाद करते जा रहे है | स्वदेशी बनाना बहुत जरुरी

इस महिला दिवस , गृहणियों को क्यू नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़ना चाहिए 

इस महिला दिवस , गृहणियों को क्यू नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़ना चाहिए नेटवर्क मार्केटिंग या मल्टी-लेवल-मार्केटिंग (MLM) एक ऐसा माध्यम है जिसमें मार्केटिंग कंपनियां अपने उत्पादों के बेचने के लिए नेटवर्क बनाते है |ये एक ऐसा

पेशाब में दर्द और जलन के लक्षण और इलाज

पेशाब में दर्द और जलन के लक्षण और इलाज यह कई कारणों से हो सकता है। पहला, मूत्राशय, या जननांग अथवा किडनी में बैक्टीरिया या फंगस का संक्रमण (कुछ मामलों में वायरस का संक्रमण भी हो सकता है)। दूसरा, बिनाइन प्रोस्टेट हाइपरट्रॉफी और प्रोस्टेट

साहित्यिक जीवटता, और जिजीविषा की अदम्य मशाल, कृष्णा सोबती

पिछले दिनों हिन्दी साहित्य में अपनी लेखकीय जीवटता, उल्लास और जिजीविषा के लिये ख्यात कृष्णा सोबती नहीं रहीं। कृष्णा जी एक पूरी परम्परा का विस्तार थी जो समय के साथ विभिन्न पात्रों, रंगों और घटनाओं में घटती गई। कृष्णा जी के ही शब्दों में

गांधी की हत्या एक विचार धारा की हत्या थी

गांधी की हत्या एक विचार धारा की हत्या थी गांधी के विषय में आईन्सटीन का यह कथन सबसे महत्वपूर्ण है कि, आने वाली पीढियॉ इस बात पर विश्वास नहीं कर पाएंगी कि, धरती पर महात्मा गांधी जैसा कोई जीव भी हुआ था जिसके चमत्कार को भूलना बहुत

हॉकी के भीष्म पितामह “अमर” हो गए

जिस राष्ट्रीय खेल, हाकी, को हम क्रिकेट के कारण भूलते जा रहे हैं, उस खेल की सेवा में PT सर का योगदान अद्वितीय है| मंदसौर के सेंट थॉमस स्कूल के स्पोर्ट्स टीचर श्री अमरसिंह जी ने ना सिर्फ अपने स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को खेल से जोड़ा बल्कि…

राजपथ से मैं जसदेवसिंह बोल रहा हूॅ—-

उन्होने 1963 से लेकर 2011 तक लगातार आँखों देखा हाल सुनाया| यह उनकी मखमली आवाज़ और सम्प्रेक्षण का ही कमाल था । उन्होंने ९ बार ओलिंपिक, ८ बार हॉकी विश्वकप, तथा ६ बार एशियाइ खेलो में कमेंट्री की । हॉकी मैचों में प्रस्तुत आँखों देखा हाल सुनने…

दिल्ली में लोकतान्त्रिक प्रक्रियाओं के साथ छेड़छाड़

दिल्ली का दंगल,दिल्ली का ड्रामा,धरना वाला मुख्यमंत्री जैसे शब्द आजकल सुनने को मिल जाते है मीडिया,नेता,संविधान बिशेषज्ञ सबके अलग अलग विचार हैं परंतु जो मुलभूत विचार है उसको ठेंगा दिखाने की कोशिश जरूर की जा रही यह स्पष्ट है।

जलियाँवाला बाग: जहाॅ निशस्त्र ,निरपराध और अरक्षितों पर गोलियाॅ चलाई गईं

स्वतंत्रता से उद्ंदडता की ओर बढ रहे समाज को यह स्मरण कराना आवश्यक है कि, किस तरह जलियाॅवाला बाग के कूृरतम नर संहार के बाद ही हमें स्वतंत्रता मिली है। विश्वयुद्ध में मदद माॅगते समय यह कहा गया था कि, यदि भारत हमारी सहायता करेगा तो उसे…

17 अगस्त तुलसी जयन्ती पर विशेष

माॅगत तुलसीदास कर जोरे, बसहूॅ राम सिय मानस मोरे’’ रामचरितमानस गोस्वामी तुलसीदास का प्रधान ग्रंथ है जो एक प्रबंध काव्य है।ग्रन्थ के प्रारंभ में तुलसी ने कथा के प्रबन्ध की सविस्तार प्रस्तावना…

ढोंगी ‘ईश्वर’ के पाखंडी भक्त हैं ‘हम’

'धर्म हमारे मस्तिष्क में ठोके गये एक किल (खूँटा) के माफिक है, जिसने हमारे सोचने,समझने, सवाल पूछने एवं तर्क करने कि क्षमता को अपने में बाँध लेने का काम किया है । इंसान का विचारशील होना तभी सम्भव है, जब उसका मस्तिष्क स्वतंत्र विचरण कि अवस्था…

क्रिप्टो करेंसी क्या है यह कैसे काम करता है

क्रिप्टो करेंसी एक ऐसी करेंसी है जो कंप्यूटर एल्गोरिथ्म पर बनाई गई होती है। क्रिप्टो करेंसी एक स्वतंत्र मुद्रा होती है इस मुद्रा का कोई मालिक नहीं होता, हम यह कह सकते हैं कि क्रिप्टो करेंसी किसी भी एक अथॉरिटी के काबू में नहीं होती। रुपया,…

आत्म विश्वास से जीती जा सकती है दुनिया

आत्मविश्वास शब्द की व्युत्पत्ति दो शब्दों से मिलकर हुई है आत्मा और विश्वास। आत्मा का मतलब होता है स्वयं से और विश्वास यानी भरोसा। कोई भी कार्य करते समय स्वयं पर यह भरोसा होना कि वह उस कार्य को कर सकता है वही आत्मविश्वास होता है। आत्मा…

भारतीय संस्कृति में पितृ पक्ष (श्राद्ध) का महत्व

भारत में पित्रपक्ष की शुरुआत 5 सितंबर से हो गई है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस बार पितृ पक्ष की अवधि 15 दिनों तक रहेगी, पितृ पक्ष में अधिकतर हिंदू अपने पितरों का श्राद्ध करते हैं। श्राद्ध में मुख्य रूप से अपने पूर्वजों को याद किया जाता है…

इन आदतों को खुद से करें अलविदा

आदतें बदलना थोड़ा मुश्किल अवश्य होता है लेकिन नामुमकिन नहीं होता। लोगों में कुछ आदतें ऐसी होती हैं जिनकी वजह से आपसी संबंध और सामाजिक संबंध खराब होने लगते हैं। इसीलिए खुद के अंदर छुपी ऐसी आदतों को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। चलिए जानते…

शिक्षा प्रदाता शिक्षक, समाज का मूर्तिकार होता है

इतिहास इस बात का साक्षी है कि, प्रत्येक समय में महान दार्शनिक ही महान शिक्षा शास्त्री ही हुये है। प्लूटो, सुकरात,लॉक कमेनियस,रुसो, फेबिल, गॉधी टेगौर,अरविन्द घोष, स्वामी विवेकानंद आदि। इन सभी दार्शनिकों ने अपने अपने दर्शन को क्रियात्मक और…
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