दीपावली Abhinav Kumar Kavita Poem Hindi Diwali

दीपावली Abhinav Kumar Kavita Poem Hindi Diwali
उन सभी को जिन्होंनेअपने परिवार के लिए21 से 60 वर्ष कमाने मेंव्यस्त रहे। आज उनकेलिए समर्पित…
होना न होना किसी काज्यादा फर्क नहीं करतातुमसे प्यार करता हूंकोई तर्क नहीं करतातुम इस…
अरे तुम कहाँ थेतुमसे मिलने आया था मैंअरे तुम कहाँ थेफिर से खिलने आया था मैंना गीतकार हूं…
दीपावली के सही मायने… दीपों का त्योहार,सजा हर घर द्वार,सत्य की असत्य पर,हुई जीत आखिरकार ।…
मेरे पास सयाने मोदी हैं घुटनों पर तुझको ला दिया,अच्छे से तुझको झुका दिया,क्या समझता था तू…
ये १०० प्रतिशत,है बात सच,कि ज़िंदगी किसी की आसान नहीं । मुश्किलें सभी पर आती हैं,कहीं…
अभी थोङा-थोङा बिखर रहा हूँ मैंअभी थोङा-थोङा निखर रहा हूँ मैदिले-दवा का जि़क्र कर रहा हूँ…
उसको भी पता है कि ग़लत वही है,लेकिन अटकी मुझपर ही सुई है,कोई तो बतादे निष्पक्षता से,क्या…
मनुष्य को फूलों के विकास पर ध्यान देना चाहिए फल तो अपने आप लग जाएंगे| अज़य कीर्ति तुम…
उत्तम कितने भी हों विचार,सार्थक तभी जब दिखे प्रभाव,झलक दिखे गर आचरण में तो,कथनी से करनी का…
कभी आना .... कभी आना तो मेरे लिए वो शाम लाना, कभी आना तो दो वक्त की बातें तमाम लाना! कभी…
दुनिया का सबसे अमीर आदमी झोपङी मे रहता हैं,महल में तो गरीब रहते हैं अज़य कीर्ति मैं समझने…
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