उसका आख़िर था क्या कसूर ?
उसका आख़िर था क्या कसूर ? बड़ी अजब कहानी है,पग पग पे बेईमानी है,रिया है, पिठानी है,माहिर है, सयानी है । नीरज है, केशव है,नौटंकी में पूरा दम है,दीपेश भी कहाँ कम है !अच्छा खासा अनुभव है । शोविक रजत भी हैं किरदार,गांजा चरस चले खुलेआम,आँचल किया दागी बदनाम,कैसी परवरिश इंद्रजीत जनाब ! साल से […]