ढोंगी ‘ईश्वर’ के पाखंडी भक्त हैं ‘हम’

'धर्म हमारे मस्तिष्क में ठोके गये एक किल (खूँटा) के माफिक है, जिसने हमारे सोचने,समझने, सवाल पूछने एवं तर्क करने कि क्षमता को अपने में बाँध लेने का काम किया है । इंसान का विचारशील होना तभी सम्भव है, जब उसका मस्तिष्क स्वतंत्र विचरण कि अवस्था…

क्या ‘मोदीभक्ति’ ही ‘देशभक्ति’ हैं ?

क्या 'मोदीभक्ति' ही 'देशभक्ति' हैं ? अगर हम भारतीय लोकतंत्र के अब तक के सफर को समझने का प्रयत्न करें तो, इस बेहद छोटे से कालखंड में ही विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ा हैं, और बदलते दौर के साथ ये चुनौतियां मुश्किल होती चली…

एक अनुसंधान : ‘ईश्वर’ क्या हैं?

एक अनुसंधान : 'ईश्वर' क्या हैं? जब भी 'ईश्वर' शब्द हमारे जेहन में आता हैं, मस्तिष्क स्वतः धार्मिक चिंतन में प्रवेश करने को अग्रसर हो जाता हैं| वास्तव में अगर हम हजारों वर्षों के मानवीय इतिहास पर एक गहरी नजर डाल सकें, एक स्पष्ट प्रमाणिक…

आपका ‘धर्म’ क्या है?

आपका ‘धर्म’ क्या है? 'धर्म' मानव इतिहास के किसी भी कालखंड में सर्वाधिक चर्चित विषय रहा हैं | 'धर्म' को लेकर विभिन्न महामानवों ने अपने विचार रखें हैं, और उनके अनुयायी आज भी उस वैचारिक यात्रा में गतिशील हैं | मूलतः 'धर्म' शब्द का…

मोदी नहीं तो…. कौन ? – के.कुमार

मोदी नहीं तो.... कौन ? - के.कुमार ये सही हैं कि हमारी लोकतान्त्रिक व्यवस्था ऐसी हैं, जहाँ प्रधानमंत्री पद ही मुख्य आकर्षण का केंद्र होता हैं, बावजूद इसके भारतीय राजनीति पर जो प्रभाव पिछले २-३ वर्षों में श्री नरेंद्र मोदी का देखने को…
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