MeriRai.com पर कविता
‘मेरी राय’ नया दिन, नई गाथाएँ,हर दिल समेटे असीम कथाएँ,सोचे – किसको वो सुनाए ?किस्से वो खुलके बतलाए ? 4 हरेक शख़्स संगदिल चाहे,चाहे गर्ल हो या हो ब्वाय,उसके मन को जो पढ़ पाए,दोष गुण दोनों अपनाए । 8 सब चाहें अभिनव अध्याय,हर एक प्राणी, और समुदाय,समझें हाल, अपना समझाएँ,सबको देनी अपनी राय । 12 […]