इतनी सी बात

इतनी सी बात इतनी सी बात समझ नहीं आईजिंदगी बीत गई भाई। क्या रखा है ऊंच—नीच की लड़ाई मेंजिंदगी बीत जाएगी बस सुनवाई में। अभी भी समय है समझो इतनी सी बातमत काटो गला मानवता की लड़ाई में। आज इसके, कल उसके, परसो तुम्हारे साथहो सकती यही

बात है जब तक

बात है जब तक काम है जब तकमुलाकात है तब तक। गीत है जब तकसंगीत है तब तक। इंसान है जब तकईमानदारी है तब तक। प्यार है जब तकप्रेमी है तब तक। सांस है जब तकजिंदा हैं तब तक

वह आई

वह आई वह हौले हौले आईधीरे धीरे समाईहृदयस्थल में मेरेसमाता है जैसे रस। पकते फलों मेंखिलते फूलों मेंखजूर की बलियों मेंतुम्हारा अबोध चेहरा। जैसे गोद में सोया बच्चाजैसे दूध पीता बछड़ातुम्हारी मधुर आवाज़जैसे गुड़ की मिठास। तुम्हारी
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