रवि के पास – शुभम शर्मा

रवि के पास… (रवि अर्थात सूर्य) सर्द सासें ओला बनके हैं जहन में बह रहींमन की गर्मी बाजुओं में बौखलाहट कर रहीरुक चुकी बहती पवन अब तो बस हिमपात हैले चलो मुझको वहां तुम जो रवि के पास है….. शांत मन है जोश उत्तम हृदय में आघात हैहै मजे में
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