हमने चार पंख्तियाँ क्या लिख दीं लोगों ने कवि बना दिया भरे बजार में हाले-दिल का तमाशा बना दिया घर से…
बच्पन के दोस्त हुए पुराने रोज सुबह झूलते हुए स्कूल बस में आंखे मलना दोस्तों के साथ मिलकर क्लास में…
लडकी की व्यथा कथा- कूडे के ढेर में, पाॅलीथीन में बंधी ,
जवाब दो माँ - माँ, मुझे तेरे गर्भ से, गिरा दिया है, मैं, लडकी हूॅ यह
सूरज नये साल का - क्यों लगता है हमें कि, नये साल के सूरज की पहिली किरण, नई आशा लेकर आती है। क्या…
क्यों जलाते हो मुझे - ‘‘ कमी’ान’’ का रावण, ‘‘ कमी’ान खोरों’’ के हाथों जल गया। जलते जलते कह गया,…
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