कविता

ऋषि जी की फिल्में…बसती हर दिल में…

ऋषि जी की फिल्में…बसती हर दिल में…

जितनी करी उन्होंने फिल्में,
सारी उड़ेली इस रचना में ।

फिल्मों के सिवा कुछ ना इसमें,
पाँच दशक की सारी फिल्में ।

किरदार बख़ूबी साँचे में ढाला,
अर्पित श्रद्धांजलि इस माध्यम द्वारा ।

फिल्मों का इतना सैलाब,
सोच नहीं सकता कोई ख़्वाब ।

इतनी फिल्में जैसे समंदर,
लाजवाब, वे बहुत धुरंधर ।

ये फिल्में देख हम बड़े हुए,
यादें सपने जुड़े हुए ।

सबके दिलों पे किया राज,
वे सरताज, वे ही सरताज ।

‘शर्मा जी नमकीन’ रह गई शेष,
आया आदेश, आया आदेश ।

ऋषि जी की फिल्में :-

श्री ४२०   (1955),
तहज़ीब    (2003),
नसीब      (1981)

राजा    (1975),
बड़े दिल वाला  (1983) 

खेल खेल में (1975),
लव के चक्कर में  (2006)

रफ़ू चक्कर  (1975),
चॉक एंड डस्टर (2016)

गिनी और जॉनी  (1976),
अमर अकबर एन्थोनी  (1977)

चला मुरारी हीरो बनने   (1977),
आ अब लोट चलें  (निर्देशक-1999)

नया दौर (1978),
अनमोल (1993)

फूल खिले हैं गुलशन गुलशन  (1978),
शेषनाग  (1990)

दो प्रेमी (1980),
कांची (2014)

आप के दीवाने  (1980),
निगाहें (1989)

धन दौलत    (1980),
हवालात   (1987)

कर्ज़  (1980),
खुदगर्ज़ (1987)

जमाने को दिखाना है (1981),
कुछ तो है (2002)

प्रेम रोग  (1982),
प्रेम योग    (1994)

ये इश्क नहीं आसां (1984),
साहिबाँ  (1993)

आन और शान    (1984),
हमारा खानदान   (1988),
कन्यादान  (2000)

सागर  (1985),
सितमगर (1985)

तवायफ़ (1985),
बेशर्म (2013)

राही बदल गये (1985),
अंजाने में (1978),
हम दोनों (1995)

पहुंचे हुए लोग  (1986),
खोज  (1989),
ओम शाँति ओम (2007)

नसीब अपना अपना  (1986),
फ़ना   (2006)

एक चादर मैली सी   (1986),
कुली (1983)

दोस्ती दुश्मनी   (1986),
घर घर की कहानी (1988)

चाँदनी   (1989),
बीवी ओ बीवी   (1981)

पराया घर  (1989),
मेरा नाम जोकर  (1970)

घराना   (1989),
खज़ाना   (1987)

आज़ाद देश के गुलाम (1990),
जनम जनम (1988)

अमीरी गरीबी (1990),
दूसरा आदमी   (1977)

शेर दिल  (1990),
ज़िंदा दिल  (1975),
कातिलों के कातिल  (1981)

हिना (1991),
नगीना   (1986)

घर परिवार  (1991),
दरार    (1996)

हनीमून   (1992),
बारूद (1976)।

बोल राधा बोल  (1992),
हल्लाबोल   (2008)

दीवाना   (1992),
ज़माना   (1985)

दामिनी   (1993),
कभी कभी  (1976),
इज़्ज़त की रोटी  (1993)

श्रीमान आशिक (1993),
थोड़ा प्यार थोड़ा मैजिक (2008)

घर की इज्जत  (1994),
रंगीला रतन   (1976)

साजन का घर (1994),
सरगम   (1979)

पहला पहला प्यार  (1994),
दीदार-ए-यार  (1982),
हथियार (1989)

याराना    (1995),
गरजना  (1991)

साजन की बाहों में  (1995),
दुनिया मेरी जेब में    (1979)

कौन सच्चा कौन झूठा   (1997),
झूठा कहीं का  (2019),
अजूबा  (1991)

दो भाई   (1999),
हम किसीसे कम नहीं (1977)

राजू चाचा  (2000),
रिश्ता हो तो ऐसा  (1992)

कुछ खट्टी कुछ मीठी    (2001),
बड़े घर की बेटी  (1989)

ये है जलवा   (2002),
ये वादा रहा (1982)

लव एट टाइम्स स्क्वैर  (2003),
स्टूडेंट ऑफ द ईयर (2012)

हम तुम   (2004),
धरती पुत्र (1993)

डोंट स्टॉप ड्रीमिंग  (2007),
जय हिन्द (1999)

नमस्ते लंदन   (2007),
बंजारन (1991)

सांभर सालसा   (2007),
साधना   (1993)

चिंटू जी   (2009),
इन्तेहा प्यार की (1992)

दिल्ली 6    (2009),
बदलते रिश्ते   (1978),
विजय  (1988)

कल किसने देखा (2009),
ईना मीना डीका (1994)

दो दुनी चार   (2010),
कारोबार (2000)

पटियाला हाउस   (2011),
लक बाय चांस (2009)

टेल मी ओ खुदा  (2011),
दुनिया (1984)

अग्निपथ (2012),
प्रेम ग्रंथ (1996)

हाउसफुल 2   (2012),
मोहब्बत की आरज़ू (1994),
लैला मज़नू (1976)

जब तक है जान (2012),
जहरीला इंसान  (1974)

चश्मे बद्दूर (2013),
सिंदूर (1987)

औरंगजेब    (2013),
गुरुदेव (1993)

शुद्ध देसी रोमांस (2013)
कपूर एण्ड सन्स (2016)

बेवकूफ़ियां   (2014),
सदियाँ (2010)

वेडिंग पुलाव   (2015),
सलाम मेमसाब   (1979),
नकाब (1989)

ऑल इस वेल  (2015),
लव आज कल (2009)

सनम रे (2016),
डी-डे  (2013)

पटेल की पंजाबी शादी   (2017),
रणभूमि   (1991)

मंटो (2018),
पति पत्नी और वो (1978) 

मुल्क (2018),
कसक (1992)

102 नॉट आउट   (2018),
प्यार में ट्विस्ट (2005)

राजमा चावल    (2018),
प्यार के काबिल  (1987)

दी बॉडी  (2019),
बॉबी (1973) ।

स्वरचित – अभिनव ✍🏻
उभरता कवि आपका “अभी”

Image courtesy: Twitter Profile of Rishi Kapoor ji

अभिनव कुमार एक साधारण छवि वाले व्यक्ति हैं । वे विधायी कानून में स्नातक हैं और कंपनी सचिव हैं । अपने व्यस्त जीवन में से कुछ समय निकालकर उन्हें कविताएं लिखने का शौक है या यूं कहें कि जुनून सा है ! सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि वे इससे तनाव मुक्त महसूस करते…

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