कविता

बस अभी अभी तो

बस अभी अभी तो….

अभी सूरज ढला
अभी चांद आ गया
रात आंखों में थी
मैं बोतल में आ गया

अभी थे तारे खिले
अभी प्रभात आ गया
अभी बस आंख खुली कि
जुवां पे उसका नाम आ गया

  • शुभम शर्मा ‘शंख्यधार’
©शुभम शर्मा 'शंख्यधार' शुभम शर्मा का जन्म जिला शाहजहांपुर यू ०प्र० के एक छोटे से कस्बे खुटार में हुआ। ये उन स्वतंत्र लेखकों में से हैं जो सिर्फ अपने मनोरंजन के लिए तथा अपने खाली समय में अपने अंदर झांककर उसका सदुपयोग करने के लिए लेखन करते हैं। आप…

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