उदासी – कविता
कुछ कह रही है ये उदासीबात मेरी भीसुन लो जरा सीमाथे पर नुमायां होतीलकीरेंभी कुछ कह रही हैंमौन का क्वच…
कुछ कह रही है ये उदासीबात मेरी भीसुन लो जरा सीमाथे पर नुमायां होतीलकीरेंभी कुछ कह रही हैंमौन का क्वच…
सुंदरता दिल से होती हैदिल सुंदर तो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड भीसुंदर दिखाई देता हैदिमाग का केंद्र…
लेकिन अधूरे इश्क़ का भी, एक अलग मजा है। वो साथ में बिताए लम्हे, सभी को याद रहते हैं।वो टूटे हुवे सारे…
विकल्पअब क्या विकल्प हैस्वयं से संकल्प हैअंधेरों को विराम दूँचाॅद को सलाम दूँया तारों को लगाम…
फिर से शब्द संजोने लगी हूँफिर से पत्र लिखने लगी हूँ इस बार थोडी चिंतित हूँशब्दों की लड़ाई से भयभीत…
बस कलम यूँ ही चल पड़ती है मेरी। राह में चलते कभी, किसी का दीदार कर।बेवफ़ाई में कभी, कभी किसी के प्यार…
वक़्त बदल रहा है। ऐसा लगता है जैसे वक़्त बदल रहा है। कई लोग हमसे बेवज़ह, दूर होते नज़र आ रहे हैं।हम भी…
ज़िन्दगी तू ही बता तुझ पर, कैसे एतबार करूँ।कोई तो वजह हो ऐसी, कि तुझसे प्यार करूँ। हर ख़्वाब, हर…
गांधी के सपनों का ,उड़ता नित्य उपहास है वही पालकी देश कीजनता वही कहार हैलोकतन्त्र के नाम परबदले सिर्फ…
|| नारी तू भव की आधारशिला || शोभा कि नदी, सगुणों से सजी प्रेम-करुण की तू सीमा, स्तुति तेरी किन…
समय का पहिया मानो तो मोती ,अनमोल है समय नहीं तो मिट्टी के मोल है समय कभी पाषाण सी कठोरता सा है समय…
अब तो …..रिश्तों में मिलावट है,मुस्कान बस बनावट है,आहट की ना चाहत है,ख़ुद से ही बग़ावत है । ना जाने…
प्रेम बहे झरने सा तेरा || तन में सिहरन, सांसों में गतिमन भी व्याकुल, नव-जन्में सा,ऐसा अदभुत प्रेम…
दोस्ती वो निभा न सकेआग दिल की बुझा न सकेमेरे जज्बातों से खेलकर भीवो जश्न कोई मना न सके || कभी खामोश…
यह तिरंगा तो ,हमारी आन बान हैयह दुनिया में रखता ,अजब शान हैयह राष्ट्र का ईमान है ,गर्व और सम्मान…
हौसला निशीथ में व्योम का विस्तार हैहौसला विहान में बाल रवि का भास हैनाउम्मीदी में है हौसला खिलती हुई…
ख़ुद को दिया धोखा … इस गणतंत्र दिवस,किसान वाकई बेबस ?लिया देश को डस,रहा विश्व है हँस ! शर्मसार हुई…
खुदा करे के तु रूठे ओर मनाऊं मैइसी दिन के लिए,तुझे सताऊं मै । कैसा ये अफ़स़ाना,कैसी मोहब्बत है …
कविता : मोहब्बत नदी की बहती धारा है मोहब्बत सुदूर आकाश का ,एक सितारा है मोहब्बत सागर की गहराई सी है…
कविता : यह कैसा धुआँ है लरजती लौ चरागों की यही संदेश देती है अर्पण चाहत बन जाये तो मन अभिलाषी होता…
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