मैं तेरा ही हूँ मगर,तेरा हो सकता नहीं
मैं तेरा ही हूँ मगर,तेरा हो सकता नहीं !! हाथ मेहंदी का था, जब मेरे हाथ में,नजर झुकी थी मगर, कोई…
मैं तेरा ही हूँ मगर,तेरा हो सकता नहीं !! हाथ मेहंदी का था, जब मेरे हाथ में,नजर झुकी थी मगर, कोई…
प्रेम एक स्वछंद धारा एक प्रेम भरी दृष्टि और दो मीठे स्नेहिल बोलों से बना सम्पूर्ण…
तेरे शहर में आने का दिल करता है बार बार...मैं ढूँढता हूँ बार बार, तुझे देखने के बहाने हजार, अब तो…
काश तू कभी मिली ना होती तो अच्छा होता दोस्तों के बहकावे मे ना आया होता तो अच्छा होता!! तुमने नजाने…
कुछ शेर 'उन' के नाम लहरों के यूं ही किनारे खुल गएसुना है उनको बागी हमारे मिल गए,ये उफनती…
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