युद्ध हो रहा है
युद्ध हो रहा है सूरत-ए-हाल दुनिया का ये क्या हो रहा है लौमड़ भर रहा तिजोरी और जोकर रो रहा है जंग-ए…
युद्ध हो रहा है सूरत-ए-हाल दुनिया का ये क्या हो रहा है लौमड़ भर रहा तिजोरी और जोकर रो रहा है जंग-ए…
कलमशब्द कम पड़ जाते हैंजब प्रेम उमड़ता है ढेर साराप्रियतम तक पहुचना चाह्ती है कलम दिल के हर जज्बात …
भिन्न भिन्न चेहरे अलग-अलग रंग औरअलग-अलग रूप के बहार से नहीं अंदर के ये चेहरे कोई है…
प्रेम एक स्वछंद धारा एक प्रेम भरी दृष्टि और दो मीठे स्नेहिल बोलों से बना सम्पूर्ण…
“माँ” मैं हूँ हिस्सा तुम्हारा और रहूंगी सदा छाया तुम्हारी आज दूर हूँ तुमसे पर हर पल मन में है छवि…
(तुम्हारा संदेसा आया) मेरे गीतों के स्वर तुमसे सजे हैं “प्रिय”दिन-रात कानों में गूँजें…
स्त्रियांजलप्रपात सी बजती छन-छन उछलती मचलती सरस सी जलधार सहज ,शीतल,सफ़ेद मोतियों का कंठ हार प्रेम…
कागज और कलम कागज और कलमकलम का गिटार लेकरथिरकने लगी मेरी उँगलियाँकागज के फर्श पर…हृदय और मस्तिष्क…
वक़्त बदलते हुए वक़्त मे मैंनेलाचार समुन्दर देखेपतवारों के इशारे औरलहरों के नजारे देखेनाचती हुई…
भूली बिसरी यादों केकचे पक्के रंगों सेलौटे अनकहे कुछ गीतों सेभरा पूरा फागुन होकुछ आँखों के तीरों…
उम्र के महल मे घूमती देह कोझुरियों की नजर लग गईमाथे की सिल्वटेंचिंता के सिलबट्टे पर पिस गयीजीवन की…
कुछ कह रही है ये उदासीबात मेरी भीसुन लो जरा सीमाथे पर नुमायां होतीलकीरेंभी कुछ कह रही हैंमौन का क्वच…
सुंदरता दिल से होती हैदिल सुंदर तो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड भीसुंदर दिखाई देता हैदिमाग का केंद्र…
विकल्पअब क्या विकल्प हैस्वयं से संकल्प हैअंधेरों को विराम दूँचाॅद को सलाम दूँया तारों को लगाम…
फिर से शब्द संजोने लगी हूँफिर से पत्र लिखने लगी हूँ इस बार थोडी चिंतित हूँशब्दों की लड़ाई से भयभीत…
उन सभी को जिन्होंनेअपने परिवार के लिए21 से 60 वर्ष कमाने मेंव्यस्त रहे। आज उनकेलिए समर्पित…
होना न होना किसी काज्यादा फर्क नहीं करतातुमसे प्यार करता हूंकोई तर्क नहीं करतातुम इस…
अरे तुम कहाँ थेतुमसे मिलने आया था मैंअरे तुम कहाँ थेफिर से खिलने आया था मैंना गीतकार हूं…
दीपावली के सही मायने… दीपों का त्योहार,सजा हर घर द्वार,सत्य की असत्य पर,हुई जीत आखिरकार ।…
मेरे पास सयाने मोदी हैं घुटनों पर तुझको ला दिया,अच्छे से तुझको झुका दिया,क्या समझता था तू…
ये १०० प्रतिशत,है बात सच,कि ज़िंदगी किसी की आसान नहीं । मुश्किलें सभी पर आती हैं,कहीं…
अभी थोङा-थोङा बिखर रहा हूँ मैंअभी थोङा-थोङा निखर रहा हूँ मैदिले-दवा का जि़क्र कर रहा हूँ…
उसको भी पता है कि ग़लत वही है,लेकिन अटकी मुझपर ही सुई है,कोई तो बतादे निष्पक्षता से,क्या…
मनुष्य को फूलों के विकास पर ध्यान देना चाहिए फल तो अपने आप लग जाएंगे| अज़य कीर्ति तुम…
उत्तम कितने भी हों विचार,सार्थक तभी जब दिखे प्रभाव,झलक दिखे गर आचरण में तो,कथनी से करनी का…
कभी आना .... कभी आना तो मेरे लिए वो शाम लाना, कभी आना तो दो वक्त की बातें तमाम लाना! कभी…
दुनिया का सबसे अमीर आदमी झोपङी मे रहता हैं,महल में तो गरीब रहते हैं अज़य कीर्ति मैं समझने…
Welcome, Login to your account.
Welcome, Create your new account
A password will be e-mailed to you.