बेमतलबी बचपन
बेमतलबी बचपन बातें थी,बेमतलब, बेख़ौफ़बेवजह, बकवास। बचपन था,बेसब्र, अल्हड़हैरान-परेशान, मासूम। दोस्ती…
बेमतलबी बचपन बातें थी,बेमतलब, बेख़ौफ़बेवजह, बकवास। बचपन था,बेसब्र, अल्हड़हैरान-परेशान, मासूम। दोस्ती…
मैं…ख्वाब…और जाम ! चाहत की है बात नहींमैंने सब यूं ही छोड़ दियाकैसे तेरे पास रुकूंवेवजह कुछ करना…
मेरा कीमती उपहार …. हाय ये कैसा भौतिकवादी युग !भोग, लालसा, धन की बस भूख,क्या चाहिए, कुछ पता…
मुझे ज़िन्दगी तुझसे शिकायतें बहुत हैं,तुझे दी मैंने हरपल हिदायतें भी बहुत हैं,आज निकला जब मैं सड़क…
असमंजस - अब बस … तुम भी सही,मैं भी सही,ग़लत बात फ़िर,किसने कही ? दिल की बात,दिल ही में रही,मैं हूँ…
बहुत कठिन था वो दौर,जिसको आज हम याद करते हैं ।पन्द्रह अगस्त की उस गाथा को,हम यूं ही नहीं गाते हैं।।…
आदमी कहीं खो गया है आभासी दुनिया में आदमीझुंठलाने लगा है अपनी वास्तविकता को आदमीपरहित को भूलकर…
सुशांत का दुखांत हूं मैं निशब्द,बिल्कुल ही स्तब्ध,जब चला पता,सुन्न, स्थिर, हूं हिला । होए ना…
दौर कुछ यूँ आया पशुओ को कैद कर जो मनुष्यों ने था कब्जा जमाया , अब उसी मनुष्य जाति को नियति ने घर…
प्रार्थना - आए सद्बुद्धि… सन्यासी "साधु",है देश का जादू । संस्कृत का शब्द,तन में जैसे…
पांच का जादू वो २२ मार्च,वो बजे थे पांच । शाम का आगाज़,कुछ अलग और ख़ास । वो पांच मिनट,गए शिकवे सिमट…
।। समझ बैठे ।। तेरी सारी ख्वाहिशों को , हम हमारी रहमत समझ बैठे। तेरी होंठो की मुसकुराहट को , तो हम…
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