यूँ मांगिये मत,
Sahaj Sabharwal, Jammu
देने की चाह रखिए।
यूँ दीजिये मत,
दान सहित, रईस दिल का इम्तिहान रखिये।
हानि एवं मुनाफे दोनों से अनुभव प्रप्त कीजिए,
ज़रूरत करने पर लागू कीजिए ।
छद्म रचनाएँ – सहज सभरवाल
Related Posts
युवा का अब आगाज हो
युवा का अब आगाज हो युवा का अब आगाज हो,एक नया अन्दाज़ हो,सिंह की आवाज हो,हर युवा…
ना तेरा कसूर है…ना मेरा कसूर – बृजेश यादव
ये जो मदहोशी सी छायी है, तेरे हुस्न का सब कसूर है। ये जो खोया खोया सा मैं रहता…
मैं उसके घर गया था
मैं उसके घर गया थाअपने किसी काम सेउसके शौहर से मिलावो भी वाकिफ़ था मेरे नाम…
एकांत – कविता
एकांत जाने कैसे लोग रहते हैं भीड़ में,हमें तो तन्हाई पसंद आई है । अकेले बैठ के…
फायदा ही क्या है
बे'वजह ,असमय बोलने मे तेरा फायदा ही क्या है, अपनी कमजोरियों को दिखाने से…
कलम – (कविता) अभिनव कुमार
कलम ✍🏻 छोटी बहुत ये दिखती है, प्रबल मग़र ये लिखती है,बड़ों बड़ों को…
मन का शोर – शशिकांत सिंह
बिन पूछे सदा जो उड़ता ही चलेएक पल को भी कभी जो ना ढलेहै अटल ये टाले से भी ना…
बन देश भक्त
बन देश भक्त … मत डर बेशक,रह मगर सतर्क । घर क्या है पीड़ा ?बाहर बस कीड़ा । घर…
फिर भी सब हरा है
शब-ए-घोर अंधियारे में ,आज करूणा-कंठ भरे हैंकठोर हृदय मृदुल हुआ,सब आँखों में नीर…
अज़य कीर्ति छद्म रचनाएँ – 18
मनुष्य को फूलों के विकास पर ध्यान देना चाहिए फल तो अपने आप लग जाएंगे| अज़य…
चार पंक्तिया
हमने चार पंख्तियाँ क्या लिख दीं लोगों ने कवि बना दिया भरे बजार में हाले-दिल का…
और जब मोहब्बत का रुख़ बदलेगा..
और जब मोहब्बत कारुख़ बदलेगाअपनी दिखावट सेअपने होने भर केअहसास मेंतब,अपनी कहानी…
हिंदी दिवस के विचार – ‘अभिनव’ सार
जिन्हें याद नहीं पूर्ण वर्णमाला,उन्हें हिंदी दिवस की शुभकामना । उपरिलिखित से मैं…
वो बात नहीं रही
लगता तेरे जहां मे इंसानों की कदर नहीं रहीतभी तो इंसान को इंसानों से चाहत नहीं…
भारत का शेर – नीरज चोपड़ा
भारत का शेर … नीरज चोपड़ा,गाँव का छोकरा,किया तिरंगा ऊंचा,हिन्द खुशी से रो पड़ा ।…
मुझको उम्मीद…
मुझको उम्मीद… संकट की घड़ी,है आन पड़ी । है वक़्त विकट,है डर, दहशत । तू जीतेगा,गम…
सम्मान तिरंगा
यह तिरंगा तो ,हमारी आन बान हैयह दुनिया में रखता ,अजब शान हैयह राष्ट्र का ईमान है…
मैं…ख्वाब…और जाम !
मैं…ख्वाब…और जाम ! चाहत की है बात नहींमैंने सब यूं ही छोड़ दियाकैसे तेरे पास…
सूरज नये साल का
सूरज नये साल का - क्यों लगता है हमें कि, नये साल के सूरज की पहिली किरण, नई आशा …
रफ़ाल – बेमिसाल
रफ़ाल - बेमिसाल रफ़ाल,तूफानी चाल,दुश्मन बेहाल,जी का जंजाल । करे तेज़ प्रहार,माने…






































