राजा मौन खड़ा हो जाए राजा मौन खड़ा हो जाएवर्तमान को भूत बताएजनता फिर से बनती जाएराजा मौन खड़ा हो…
तुम्हे मिलने मै आऊंगा जरूरकभी राम बनकरकभी कृष्ण बनकरकभी सीता बनकरकभी राधा बनकरकभी पति बनकरकभी पत्नी…
सत् का वरण जरूरी हैकल न हो,किसी सीता का हरणकल न जन्मे कोई रावणबुराई का मरण जरूरी है अज़य कीर्ति…
बारिशों के मौसम में वो ,जा बैठे कहींवो हमे छोङ कर ,दिल लगा बैठे कहीं सपनों का ये संसार क्या,गँवा…
चंद्रयान तीन,नहीं होए यकीन,अद्भभुत उपलब्धि,एक रात और दिन ! फतह लक्ष्य महान,फूंक डाली जान,भारत ने…
बढ़े से भी खाता हूं,छोटे से भी खाता हूं,गालियां खाने की आदत है,अपना धर्म निभाता हूं । अभिनव कुमार…
मित्र तो ज़रूर हों बेशक चाहे कम हों,पर मित्र तो ज़रूर हों ।समझने का दम हो,चाहे कोसों दूर हों ।…
आज़ादी एक अभिव्यक्ति है,जिसे महसूस कर सकती सिर्फ़ देशभक्ति है,आज़ादी एक अहसास है,जिसपर हर…
कितने साल गुज़र गए तेरी गलियों में आते-जाते पता ही नहीं चला, ना तू मिल सकी ना तेरा निशां || अज़य…
थक गया हूं लड़ - लड़कर हालातों से,दुआ करो कि अब ये आघात आखिरी हो। आँखें हैं कि इंतज़ार में तेरे बहे…
कितने खुबसूरत लब्ज़ है तुम्हारे,कभी जी कभी यार कहती हो |सुना है ये प्यार-व्यार का चक्कर यहीं से शुरू…
जब से तुमने रात में जागना शुरू कियातेरी कसम ! चांद भी तेरा दिदार करने लगा है || अज़य कीर्ति किताबों…
ये हाड़-मांस की कैसी भूख ये हाड़-मांस की कैसी भूख !मृग-तृष्णा ये, दूर का सुख,मत कर इसका व्यसन तू…
दिल पहली बार था धड़कामैं देख के उसको भड़कादेखा था उसको शादी मेंवो लगे नहाई चांदी में पहले प्यार का…
तेरी ज़िन्दगी का हर मोङ सुकुन से भरा होगा |मै नहीं तो कोई और तो तुझ पर मरा होगा | अज़य कीर्ति ग़फ़लत…
मनोरोगी,मैं हूं ढोंगी,और हूं वाहियात,मैं केवल भोगी । अभिनव कुमार सारी कमियां मेरे नाम,मुझपर ही सारे…
नज़र उठाकर देखा जिसे,वो हुस्न वाले बङे महफ़ूज़ निकले |क्या सुनें उनकी अदाओं की गुस्ताख़ियां,वो ख़ुद…
लगी है दिल की तुमसे ,मैं तुम्हे ये बात कैसे बताऊं |कभी याद,कभी ख्वाब सब आते हैं पर तुम्हे कैसे…
दारू पर टिकी अर्थव्यवस्था जिसके घर आना शुरू हुई ,उस घर की खुशियां चली गई। दारू वाले इसको पीकर,रुतबा…
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