पांच का जादू

पांच का जादू वो २२ मार्च,वो बजे थे पांच । शाम का आगाज़,कुछ अलग और ख़ास । वो पांच मिनट,गए शिकवे सिमट । लाखों के पल,जैसे मिल गया हल । एक अलग ही जोश,हर तरफ संतोष । थी कृतज्ञता,कुछ भी ना खता । आभार किया व्यक्त,जो हैं

लॉक डाउन २.०

लॉक डाउन २.० चौदह अप्रैल दो हज़ार बीस,माननीय प्रधान मंत्री जी की स्पीच । देश के नाम संबोधन,पहुंचा हर जन तक । कई बड़ी और अहम बातें,क्या क्या कहा, हम हैं बताते ! उनकी बातों को संजोया,माला में है पिरोया । ज़रा कीजिए ध्यान,रचना

इसके पहले की हो जाएँ -बैक टू लाइफ़ !

इसके पहले की हो जाएँ -बैक टू लाइफ़ ! साइकल ,जब एक अनजाने घाट पर बिन पैडल मारे सरकने लगती है, तो मेहनत ज़रूर कम हो जाती है , लेकिन एक वैकल्पिक ख़तरे का एहसास , उस आरामदेही सफ़र का मज़ा नहीं लेने देता ।ठीक उसी तरह जब जीवन के सफ़र में

जिद है अगर तो जीतोगे

जिद है अगर तो जीतोगे उठ तैयार हो फिर हर बार, जितनी बार भी तुम गिरोगे, जिद है अगर तो जीतोगे, चाहे वक़्त ना हो साथ, भले छुटे अपनों का हाथ, हर अंधियारा दूर कर देगा नाथ, सूखे में भी आंसुओं से जब, अपने सपनों को तुम

युवा का अब आगाज हो

युवा का अब आगाज हो युवा का अब आगाज हो,एक नया अन्दाज़ हो,सिंह की आवाज हो,हर युवा जांबाज़ हो। हृदय विशाल जहाज़ हो,निर्भीक समक्ष यमराज हो,उज्ज्वल आभामय पुखराज़ हो,योग्य योद्धा योगीराज हो। जहाँ उम्र की दराज हो,वहाँ बड़ों का लिहाज़

है ये बड़ी संयम की घड़ी

है ये बड़ी संयम की घड़ी है ये बड़ी संयम की घड़ी,, आओ तोड़ें संक्रमण की कड़ी, रहें कुछ दिन घर में ही सभीं, तभी जितेंगे जिंदगी की लड़ीहै ये बड़ी विकट घड़ी, जहां जिंदगी बेबस है पड़ी है ये बड़ी संयम की घड़ी है

कोरोना : घर बैठे कमाइए के नाम पर चल रहे फ्रॉड प्लान

कोरोना : घर बैठे कमाइए के नाम पर चल रहे फ्रॉड प्लान ज्यादातर फ्रॉड प्लान पहले से चल रहे थे | अभी इनकी संख्या और काम करने की गति बहुत तेज़ हो गयी है| यह एक गंभीर चिंता का विषय है | Kamaiye.com विश्व आर्थिक मंदी की तरफ कुछ समय से भाग

ज़िक्र मातरे वतन से जुड़ा होगा। – प्रज्ञेश कुमार “शांत”

हमवतन साथियों, हम आसमाँ की बुलंदी पे हों या धरातल की गहराई में, हर ज़िक्र मातरे वतन से जुड़ा होगा। हम चमकते सितारे हों या डूबता सूरज, हर ज़िक्र मातरे वतन से जुड़ा होगा। हम धधकते अंगारे हों या पिघलती बर्फ़, हर

मैं तेरा कभी होना सकूंगा – शशिधर तिवारी ‘ राजकुमार ‘

।। मैं तेरा कभी होना सकूंगा ।।।। तू मेरी कभी होना सकेगी ।। तुम्हारी मुस्कुराहट है कोई और , हमारी चाहत है कोई और , तुम्हारे वक्त का साथी है कोई और , हमारे जीवन की काठी है कोई और , मैं तेरा कभी होना सकूंगा , तू मेरी

काश तू मेरी होती – (कविता) – शशिधर तिवारी ‘ राजकुमार ‘

।।। काश तू मेरी होती ।।।तेरे ख्वाब मेरे होते,  और मेरे ख्वाब में तू होती । तेरे चेहरे की चमक मेरी होती ,  तेरी पायल की छन-छन मेरी होती । तेरे सपनो का मैं राजा होता । और तू मेरे सपनो की रानी होती ।। काश तू मेरी होती ।।

।। समझ बैठे ।। कविता || शशिधर तिवारी ‘ राजकुमार ‘

।। समझ बैठे ।। तेरी सारी ख्वाहिशों को , हम हमारी रहमत समझ बैठे। तेरी होंठो की मुसकुराहट को , तो हम हमारी चाहत समझ बैठे । तेरी ज़ुल्फो की घटाओ को , हम हमारी अमानत समझ बैठे । तेरी नयनों की पलकों को , तो हम हमारी

स्वदेशी और विदेशी उत्पादों की सूची

अमेरीका ने भारत का बिज़नेस का विशेष दर्जा हटा दिया | चीन ने वापस आतंकियों को बचाया है | कई देशो में नौकरी करने वाले विदेशियों की छुट्टी कर दी गयी है | भारत में हम बस फेसबुक और ट्विटर पर राष्ट्रवाद करते जा रहे है | स्वदेशी बनाना बहुत जरुरी

इस महिला दिवस , गृहणियों को क्यू नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़ना चाहिए 

इस महिला दिवस , गृहणियों को क्यू नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़ना चाहिए नेटवर्क मार्केटिंग या मल्टी-लेवल-मार्केटिंग (MLM) एक ऐसा माध्यम है जिसमें मार्केटिंग कंपनियां अपने उत्पादों के बेचने के लिए नेटवर्क बनाते है |ये एक ऐसा

पेशाब में दर्द और जलन के लक्षण और इलाज

पेशाब में दर्द और जलन के लक्षण और इलाज यह कई कारणों से हो सकता है। पहला, मूत्राशय, या जननांग अथवा किडनी में बैक्टीरिया या फंगस का संक्रमण (कुछ मामलों में वायरस का संक्रमण भी हो सकता है)। दूसरा, बिनाइन प्रोस्टेट हाइपरट्रॉफी और प्रोस्टेट

साहित्यिक जीवटता, और जिजीविषा की अदम्य मशाल, कृष्णा सोबती

पिछले दिनों हिन्दी साहित्य में अपनी लेखकीय जीवटता, उल्लास और जिजीविषा के लिये ख्यात कृष्णा सोबती नहीं रहीं। कृष्णा जी एक पूरी परम्परा का विस्तार थी जो समय के साथ विभिन्न पात्रों, रंगों और घटनाओं में घटती गई। कृष्णा जी के ही शब्दों में

गांधी की हत्या एक विचार धारा की हत्या थी

गांधी की हत्या एक विचार धारा की हत्या थी गांधी के विषय में आईन्सटीन का यह कथन सबसे महत्वपूर्ण है कि, आने वाली पीढियॉ इस बात पर विश्वास नहीं कर पाएंगी कि, धरती पर महात्मा गांधी जैसा कोई जीव भी हुआ था जिसके चमत्कार को भूलना बहुत

हॉकी के भीष्म पितामह “अमर” हो गए

जिस राष्ट्रीय खेल, हाकी, को हम क्रिकेट के कारण भूलते जा रहे हैं, उस खेल की सेवा में PT सर का योगदान अद्वितीय है| मंदसौर के सेंट थॉमस स्कूल के स्पोर्ट्स टीचर श्री अमरसिंह जी ने ना सिर्फ अपने स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को खेल से जोड़ा बल्कि…

राजपथ से मैं जसदेवसिंह बोल रहा हूॅ—-

उन्होने 1963 से लेकर 2011 तक लगातार आँखों देखा हाल सुनाया| यह उनकी मखमली आवाज़ और सम्प्रेक्षण का ही कमाल था । उन्होंने ९ बार ओलिंपिक, ८ बार हॉकी विश्वकप, तथा ६ बार एशियाइ खेलो में कमेंट्री की । हॉकी मैचों में प्रस्तुत आँखों देखा हाल सुनने…

दिल्ली में लोकतान्त्रिक प्रक्रियाओं के साथ छेड़छाड़

दिल्ली का दंगल,दिल्ली का ड्रामा,धरना वाला मुख्यमंत्री जैसे शब्द आजकल सुनने को मिल जाते है मीडिया,नेता,संविधान बिशेषज्ञ सबके अलग अलग विचार हैं परंतु जो मुलभूत विचार है उसको ठेंगा दिखाने की कोशिश जरूर की जा रही यह स्पष्ट है।

जलियाँवाला बाग: जहाॅ निशस्त्र ,निरपराध और अरक्षितों पर गोलियाॅ चलाई गईं

स्वतंत्रता से उद्ंदडता की ओर बढ रहे समाज को यह स्मरण कराना आवश्यक है कि, किस तरह जलियाॅवाला बाग के कूृरतम नर संहार के बाद ही हमें स्वतंत्रता मिली है। विश्वयुद्ध में मदद माॅगते समय यह कहा गया था कि, यदि भारत हमारी सहायता करेगा तो उसे…
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