कविता

अभिनव कुमार छद्म रचनाएँ – पर्यावरण

जीव जन्तु,
जैसे शिव शंभू,
बचाते पर्यावरण,
ना किन्तु परन्तु ।

अभिनव कुमार

दो हाथ जब मिल जाएं,
पशु, पेड़ फ़िर खिलखिलाएं,
वातावरण जीवित हो जाए,
आओ धरा बचाएं ।

अभिनव कुमार

गागर में साग़र,
सबकुछ ही उजागर,
इन्सां, पेड़-पौधे, जानवर,
मिलकर बनाएं जीवंत पर्यावरण,
आमीन !

अभिनव कुमार

वन्य जीव,
जैवमंडल की नींव,
गर हों जो विलुप्त,
संतुलन हो क्षीण ।

अभिनव कुमार
अभिनव कुमार एक साधारण छवि वाले व्यक्ति हैं । वे विधायी कानून में स्नातक हैं और कंपनी सचिव हैं । अपने व्यस्त जीवन में से कुछ समय निकालकर उन्हें कविताएं लिखने का शौक है या यूं कहें कि जुनून सा है ! सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि वे इससे तनाव मुक्त महसूस करते…

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