Warning: mysqli_query(): (HY000/1021): Disk got full writing '.(temporary)' (Errcode: 28 "No space left on device") in /home/merirai/public_html/wp-includes/class-wpdb.php on line 2357
कविता

होली – कविता

होली

फिर मादकता की अंगड़ाई लेकर ,
होली का पर्व आया है
आम्र कुंज से मुखर मुकुल का ,
सौरभ पवन स्वयं लाया है ||


भूमि पर ज्योति की बांसुरी बजाने
फूल के गांव में पांखुरी खिलाने
हर किरन के अधर पर ,
सरस तान यह लाया है
फिर मादकता की अंगड़ाई लेकर ,
होली का पर्व आया है ||


मदन सखा सुकुमार मनोहर ,
काम लिये यह आया है
लाया है व्योम से मदभरा प्यार
मुरझाए मन में खुशियां लाया है
प्रकृति प्रेयसी प्रेम लिए ,
सुरभि मधुमयी पवन संग लाया है
फिर मादकता की अंगड़ाई लेकर,
होली का पर्व आया है ||


झूमी कुसमित हो वल्लरियां
मानस उपवन की सुन्दरियां

तरु शाखाएं झूम उठी
पिक शुक मैनायें कूक उठीं
धरा को सुधा रस में साने
पवन में बहाये रंगो के अफ़साने
शुचि प्रेम मानवता के संकल्पों को
जन जन के ,ह्रदय में उतारने आया है
फिर मादकता की अंगड़ाई लेकर
होली का पर्व आया है ||

नाम : प्रभात पाण्डेय पता : कानपुर ,उत्तर प्रदेश व्यवसाय : विभागाध्यक्ष कम्प्यूटर साइंस व लेखक मेरी रचनाएं समय समय पर विभिन्न समाचार पत्रों (अमर उजाला ,दैनिक जागरण व नव भारत टाइम्स ) व पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं।

Related Posts

error: Content is protected !!