हाॅकी खिलाडी मोहम्मद शाहिद का अवसान

एक बडे खिलाडी का छोटी उम्र में चले जाना एक बहुत बडा खिलाडी और एक बेहतर इंसान बहुत छोटी उम्र में 56 वर्ष में हमें छोडकर चला गया। लीवर की गंभीर बीमारी से ग्रसित शाहिद ने गुरुग्राम के वेदांता अस्पताल…

निधनः- साहित्यकार महाश्वेता देवी

निधनः- साहित्यकार महाश्वेता देवी ‘‘ खामोश हो गई शोशितो, दलितों औेर आदिवासियों की आवाज’’ बंगला साहित्यकार महाष्वेता देवी अब हमारे बीच में नहीं रही। कलकत्ता के अस्पताल में उन्होने अपने जीवन की अंतिम साॅस ली। इसी के साथ षोशितों,…

ध्यान सिंह से ध्यान चंद तक का सफर’

मेजर ध्यान चंद भारतीय हाॅकी का एक एसा नाम जिसका जिसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकी। उसने भारतीय हाॅकी को वो सम्मान, गरिमा, अनगिनत जीत, पदक, आदि अत्यन्त कठिन पस्थिितियों में दिलाये जिसके बारे में वर्तमान खेल जगत सोच भी नहीं सकता। अनेक…

पद और गुण की वंदना – णमोकार मंत्र

यह णमोकार नमस्कार महामंत्र जैन धर्म की सभी परमपराओं द्वारा एकमत से मान्य है। ्रप्रायः मानव किसी एक महापुरुश को लक्ष्य बनाकर अपनी समस्त भक्ति व श्रद्धा का स्त्रोत उन पर उडेल देता है, परन्तु इस महामंत्र की विषेशता है कि, इसमें किसी…

सहकारी नेतृत्व की असफलता से हुआ दीर्घ सहकारी सरंचना का अवसान

प्रदेष की दीर्घ कालीन सहकारी साख संरचना का प्रमुख स्तम्भ म.प्र. सहकारी कृशि और ग्रामीण विकास बैंक एवं जिला सहकारी कृशि और ग्रामीण बैंकों का परिसमापन हो गया है। यह परिसमापन कोई साधारण नहीं है कि उसे इतनीर्  आसानी से लिया जा सके। इसने एसे…

क्या मनमोहन असल में “मौन” थे ?

क्या मनमोहन असल में "मौन" थे ? मशहूर गणितज्ञ पाइथागोरस ने कहा था की इसका खेद मुझे अनेक बार हुआ कि मैं बोल क्यों पड़ा । शायद हमारे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी को इस बात का काफी अच्छा ज्ञान था। और इसलिए उनका तथाकथित मौन उनके चरित्र का…

क्या भारत में गौ हत्या पर पाबंदी लगा देनी चाहिए ?

भारत में गाय को पूजा जाता है । वही कुछ लोग गाय के मांस को खाते है । पिछले कुछ समय से यह मुद्दा बहुत ज़ोर पकड़ रहा है की क्या गौ मांस पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा देना चाहिए या नहीं । आप अपनी राय वोट के ज़रिये बताइये

भारत के विकास का रोड़ा नकारात्मक राजनीति

२०१४ के चुनाव ने कई बाते जाहीर कर दी । इसने सबसे बड़ी बात ये साबित कर दी है की अब देश विकास की राह पर चलने को तैयार है । लोगों ने मोदी को वोट दिया हो या मोदी के खिलाफ वोट दिया या फिर वोट ही ना दिया हो पर हर कोई यह देखने को जरूर उत्सुक था की…

समस्याओं के चक्रव्यूह में देश

भारत कलह,अराजकता और समस्याओं का देश है। भारत की दासता के पीछे भी यही कारण थे अन्यथा गोरों में इतनी ताकत नहीं थी जो भारतियों को गुलाम बना लेते। तब भी भारतीय जनता शोषित हो रही थी आज भी भारतीय जनता शोषित हो रही है अन्तर बस इतना सा है कि तब…

29 अगस्त खेल दिवस पर विशेष

इस बारे में कदापि देा राय नहीं हो सकती कि, मेजर ध्यानचंद न केवल भारत अपितु वि’व के सर्वकालीन सर्वश्रे”ठ हाॅकी खिलाडी थे। 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद में एक राजपूत परिवार में जन्में ध्यानचंद को प्रारभं में कु’ती का बहुत ‘ाौक था औेर वे…

स्वतंत्रता दिवस – सफलताएं एवं विफलताएं

आज जब हम अपना ६९ वा स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं, तो आज का दिन अपना गौरव दिवस होने के अलावा वापस मुड़ के इन पिछले ६८ वर्षों को देखने का भी है । इन ६८ सालो में हमने क्या क्या सफलता पायी हैं और क्या क्या अभी भी करना बाकी है जो हमें करना चाहिए…

झटका,निशाना,पलटवार, मुसीबत, राहत…..

आप किसी भी समाचार  चेनल को ट्यून करें आपको झटका,निशाना,पलटवार, मुसीबत या राहत शब्द सुनने को जरुर मिलेगें। गोया इन शब्दों के अलावा कोई समाचार ही नहीं बनता।

बहुआयामी व्यक्तित्व केे लेखक- मुंशी प्रेमचंद

मुंशी प्रेमचंद का मानना था कि, लेखक वह है जो मानवता,दिव्यता,और भद्रता का ताना बाना बाॅधे होता है। जो दलित है,पीडित है,वंचित है, चाहे वो व्यक्ति हो या समूह उसकी हिमायत और वकालत करना उसका फर्ज है। उन्होंने साहित्य के उद्धेष्य और प्रवृति को…

वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली गुरु- विवेकानंद

          स्वामी विवकानंद, धर्म औेर दर्शन की पुण्य भूमि भारत के वेदान्त, और आध्यात्म के प्रभावशाली गुरु थे।           1893 में उन्होने शिकागो में विविध धर्म महासभा में सनातन धर्म  का प्रतिनिधित्व किया और अपने गरिमामय, और ओजस्वी उद्बोधन से…

पुनि ब्रम्हाण्ड राम अवतारा, देखेहूँ बाल विनोद अपारा

भारतीय जन मानस के रोम रोम में राम व्याप्त है। राम चरित्र व्यापक और अनंत है। राम ब्रम्हा, विष्णु तथा महेश का दिव्यतम रुप है। राम, ज्ञान भक्ति, मर्यादा,कर्म, का पवित्रतम संगम है। राम मन, मष्तिष्क, आत्मा का कल्याणकारी पावन पवित्र प्रवाह हैं।

32 वर्षों से ओलम्पिक पदक को तरसती भारतीय हॉकी

भारतीय हाॅकी टीम ने 1980 में मास्को में हुये ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीता था । उसके बाद हुये छः ओलम्पिक जिनमें कि भारतीय टीम ने भाग लिया, एक भी पदक नहीं जीत सकी। हाॅकी भारत का रा”ट्रीय खेल है, या यूॅ क

ओलम्पिक में भारतीय हॉकी का सफर

1886 से एथेंस (ग्रीस) से प्रारंभ हुये ओलम्पिक खेलों में 1886,1900 पेरिस,1904 सेंट लुईस, तथा 1906 एथेंस में हाॅकी को ‘ाामिल नहीं किया गया था। 29 अक्टूबर से 31 अक्टूबर1908 तक लंदन में पहिली बार  हाॅकी के खेल को ‘ाामिल किया गया।ं 1912 एवं 1916…

आतंकवादी देश से क्रिकेट रिश्ते क्यो?

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड हमे’ाा अपनी कार गुंजारियों के कारण हमे’ाा सुर्खियों में रहा है। पिछले दिनों जब पाकस्तिानी अधिकारियों का दल वार्ता करने हेतु भारत आया था तब किसी पत्रकार ने भारतीय विदे’ा मंत्री से भारत के विदे’ामंत्री से यह प्र’न…

वक्त आ गया है लोकतंत्र की मर्यादा को बचाने का

  वि’व के सबसे बडे लोकतांत्रिक  दे’ा में आज लोकतंत्र आहत है, आचरण अमर्यादित है,राजनीति दि’ााहीन है। पिछले दिनों रा”ट्रपति के चुनाव में जिस प्रकार राजनीति वस्त्रविहीन होकर सडकों पर उतरी है वो इस बात की ओर इ’ाारा करती हैे कि, अब समय आ गया है…
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