17 अगस्त तुलसी जयन्ती पर विशेष

माॅगत तुलसीदास कर जोरे, बसहूॅ राम सिय मानस मोरे’’ रामचरितमानस गोस्वामी तुलसीदास का प्रधान ग्रंथ है जो एक प्रबंध काव्य है।ग्रन्थ के प्रारंभ में तुलसी ने कथा के प्रबन्ध की सविस्तार प्रस्तावना…

ढोंगी ‘ईश्वर’ के पाखंडी भक्त हैं ‘हम’

'धर्म हमारे मस्तिष्क में ठोके गये एक किल (खूँटा) के माफिक है, जिसने हमारे सोचने,समझने, सवाल पूछने एवं तर्क करने कि क्षमता को अपने में बाँध लेने का काम किया है । इंसान का विचारशील होना तभी सम्भव है, जब उसका मस्तिष्क स्वतंत्र विचरण कि अवस्था…

क्रिप्टो करेंसी क्या है यह कैसे काम करता है

क्रिप्टो करेंसी एक ऐसी करेंसी है जो कंप्यूटर एल्गोरिथ्म पर बनाई गई होती है। क्रिप्टो करेंसी एक स्वतंत्र मुद्रा होती है इस मुद्रा का कोई मालिक नहीं होता, हम यह कह सकते हैं कि क्रिप्टो करेंसी किसी भी एक अथॉरिटी के काबू में नहीं होती। रुपया,…

आत्म विश्वास से जीती जा सकती है दुनिया

आत्मविश्वास शब्द की व्युत्पत्ति दो शब्दों से मिलकर हुई है आत्मा और विश्वास। आत्मा का मतलब होता है स्वयं से और विश्वास यानी भरोसा। कोई भी कार्य करते समय स्वयं पर यह भरोसा होना कि वह उस कार्य को कर सकता है वही आत्मविश्वास होता है। आत्मा…

भारतीय संस्कृति में पितृ पक्ष (श्राद्ध) का महत्व

भारत में पित्रपक्ष की शुरुआत 5 सितंबर से हो गई है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस बार पितृ पक्ष की अवधि 15 दिनों तक रहेगी, पितृ पक्ष में अधिकतर हिंदू अपने पितरों का श्राद्ध करते हैं। श्राद्ध में मुख्य रूप से अपने पूर्वजों को याद किया जाता है…

इन आदतों को खुद से करें अलविदा

आदतें बदलना थोड़ा मुश्किल अवश्य होता है लेकिन नामुमकिन नहीं होता। लोगों में कुछ आदतें ऐसी होती हैं जिनकी वजह से आपसी संबंध और सामाजिक संबंध खराब होने लगते हैं। इसीलिए खुद के अंदर छुपी ऐसी आदतों को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। चलिए जानते…

शिक्षा प्रदाता शिक्षक, समाज का मूर्तिकार होता है

इतिहास इस बात का साक्षी है कि, प्रत्येक समय में महान दार्शनिक ही महान शिक्षा शास्त्री ही हुये है। प्लूटो, सुकरात,लॉक कमेनियस,रुसो, फेबिल, गॉधी टेगौर,अरविन्द घोष, स्वामी विवेकानंद आदि। इन सभी दार्शनिकों ने अपने अपने दर्शन को क्रियात्मक और…

बंदऊँ राम लखन वैदेही

मानस की काव्यसरिता का उद्गमस्थल कवि का वह ह्रदयरुपी मानसरोवर है जिसमें राम का यश रुपी जल भरा हुआ है। यही रामचरितमानस रुपी नदी लोक में आज भी जन जन के मध्य अबाध गति से प्रवाहित हो रही है। महाकाव्य के लिये जिस गुरुत्व,गांभीर्य और महत्ता की…

क्या तीन तलाक खत्म होने से महिलाओं को मिलेगा समान अधिकार

समाज में महिलाएं विवाह के बाद पूरी तरह पति पर निर्भर रहती है ऐसी में वह पति की बदतमीजियों को बर्दास्त करके भी उसके साथ रहती हैं, जब तक महिलाएं आर्थिक रुप से आत्म निर्भर नहीं होगी तब तक तीन तलाक खत्म होने से मुस्लिम महिलाओं को ना के बराबर…

स्वतत्रता संग्राम सेनानी दम्पति, सीता देवी और प्रिंसिपल छबीलदास

वे मूक मानवतावादी थी। पंजाब में जब चारों ओर सांप्रदायिक दंगे हो रहे थे लगभग उसी समय लाहौर भी सांप्रदायिक आग में झुलस रहा थाहर जगह सांप्रदायिकता की चिनगारियाॅ धधकती नजर आ रही थी। ऐसे समय वे पीडितों की मदद के लिये जुट गई। वे उस समय लाहोर…

भूखमरी-: करें गरीबों का पेट भरने की पहल

हम भारत के नागरिक हैं और प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है कि देश में रहते हुए उसकी बुनियादी जरूरतें पूरी हो सके। यहां तक कि कम से कम दो वक्त की रोटी तो उन्हें नसीब हो सकें। शायद आपको जानकर हैरानी होगी हमारे देश में 20 करोड़ लोग भूखे रहते…

नशा: एक भयानक तबाही

नशा: एक भयानक तबाही नशा समाज में फैली है ऐसी बुराई है जिससे मनुष्य का जीवन समय से पहले ही मौत के मुंह में चला जाता है। नशे के लिए शराब, गांजा, चरस, भांग,अफीम, हंडिया, गुटखा, तंबाकू, धूम्रपान, सिगरेट आदि घातक पदार्थों का उपयोग किया जाता…

कितना सुरक्षित है बैंक लॉकर

कितना सुरक्षित है बैंक लॉकर। कीमती गहने व आवश्यक दस्तावेजों को रखने के लिए बैंक लॉकर सबसे सुरक्षित स्थान माने जाते हैं। परंतु बैंक लॉकर में रखे गये सामान की जिम्मेदारी नहीं लेते बल्कि बैंक का कहना है कि लॉकर में रखे सामान की जिम्मेदारी…

विश्वास जब बन जाए अंधविश्वास

विश्वास जब बन जाए अंधविश्वास भारत में 75% साक्षरता दर होने के बावजूद भी अंधविश्वास से प्रताड़ना के मामले में आए दिन सुर्खियों में छाए रहते हैं। 21वीं शताब्दी में जहां एक तरफ मानव ने कितनी तरक्की कर ली है कि वह दूसरे ग्रह पर दुनिया बसाने…

अब बैंक जाये बिना एटीएम से कर सकते हैं यह 10 काम

अब बैंक जाये बिना एटीएम से कर सकते हैं यह 10 काम किसी व्यक्ति के अकाउंट में पैसे जमा करने हो या निकालने हो आज भी बहुत से लोग बैंक में जाकर भीड़ बढ़ाने का काम करते हैं जबकि यह सभी काम बैंक जाए बिना भी एटीएम के जरिए किए जा सकते हैं। एटीएम…

एक दिन बुढापा आपको भी आएगा

एक दिन बुढापा आपको भी आएगा वृद्धावस्था जीवन का वह सच है जिसके आगोश में हर किसी को आना है। भारत में वृद्धों की संख्या लगातार बढ़ रही है और घर वालों द्वारा की गई उनकी अवहेलना के आंकड़े भी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 2050 तक दुनिया भर…

बढ़ती उम्र में बच्चों के साथ कैसे करें व्यवहार।

बढ़ती उम्र में बच्चों के साथ कैसे करें व्यवहार। माता पिता हमेशा अपने बच्चों को लेकर फिक्रमंद रहते हैं। वह अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य और बेहतर कल की कल्पना करते हुए अपना योगदान देते हैं। जब बच्चा बाल्यावस्था में होता है तो उसे विशेष…

क्या ‘मोदीभक्ति’ ही ‘देशभक्ति’ हैं ?

क्या 'मोदीभक्ति' ही 'देशभक्ति' हैं ? अगर हम भारतीय लोकतंत्र के अब तक के सफर को समझने का प्रयत्न करें तो, इस बेहद छोटे से कालखंड में ही विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ा हैं, और बदलते दौर के साथ ये चुनौतियां मुश्किल होती चली…
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